Why Investing in Clear Aligners Is Worth It for Your Oral Health
Clear aligners improve smile health with comfort and discreet daily wear

सर्दियों में तिल खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसे विंटर का सुपर फूड भी कहते हैं। हड्डियों की मजबूती से लेकर हेल्दी स्किन के लिए तिल का प्रयोग बेमिसाल माना जाता है। इसमें सेसमीन नाम का एक एन्टी-ऑक्सिडेंट पाया जाता है, जो कैंसर जैसी बीमारी को पनपने से भी राेकता है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे लंग कैंसर, पेट के कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर जैसे बीमारी से बचने के लिए तिल के सेवन की सलाह देते हैं। तिल शरीर में गर्माहट बनाए रखने का काम करता है। इस वजह से ठंड के मौसम में इसका अधिक सेवन किया जाता है। तिल प्रकार का होता है- सफेद, काला, लाल आदि। ये सभी तिल फायदेमंद है स्वास्थ्य के लिए।
तिल के बीज ज्यादातर भारत और अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। इसमें जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे आवश्यक खनिजों की भरपूर मात्रा पायी जाती है। इसमें कई विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स और उच्च संख्या में एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर, और प्रोटीन भी शामिल हैं।
नीचे दिए गए तिल के 100 ग्राम पोषक तत्वों की जानकारी दी गई है-
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कई विटामिन और खनिजों के साथ, तिल का बीज ऊर्जा का भी एक अच्छा स्रोत हैं, क्योंकि इसमें मुख्य रूप से ओमेगा 3, ग है। इनमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस की उच्च मात्रा भी होती है,जो कि शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाते हैं। जैसा कि तिलों में प्रोटीन होता है| इससे मस्तिष्क के स्नायु एवं मांसपेशियां शक्तिशाली होती हैं। इसमें मौजूद विटामिन बी-काम्पलैक्स भी शरीर को मिलता है। अच्छी एनर्जी और वॉर्मअप के लिए सर्दियों में तिल को गुड़ के मिलाकर लड्डू के तौर पर भी खाया जा सकता है। अगर आप ये सुबह खाते हैं, तो भी आपमें दिन भर एनर्जी बनी रहती है।
क्या आपके बाल भी झड़ रहे हैं या आपकी त्वचा की चमक कम हो रही है? अगर ऐसा है, तो तिल का सेवन आपके लिए काफी प्रभावकारी है। ये बालों और चमकदार त्चचा दोनों के लिए फायदेमंद है। इसके बीज और उसके तेल में जबरदस्त कार्बनिक गुण होते हैं, जो त्वचा की चमक और बालों की मजबूती को बनाए रखने में मद्दगार हैं। इसमें मौजूद विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, जैसे कि थायमिन, नियासिन, फोलिक एसिड, पाइरिडोक्सिन और राइबोफ्लेविन के साथ, त्वचा और बालों के लिए सबसे अच्छा कार्बनिक विकल्प हैं। तिल के तेल में बना खाना भी फायदेमंद है। इससे त्चचा और बालों में अंदर से चमक आती है।
तिल के तेल में एक एमिनो एसिड और टायरोसिन होता है, जो सेरोटोनिन गतिविधि को प्रभावित करता है। यह एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो हमारे मूड को प्रभावित करता है। सेरोटोनिन के असंतुलन से अवसाद या तनाव हो सकता है, और तिल के बीज का तेल सेरोटोनिन के उत्पादन में मदद करता है, तनाव की संभावना को कम करता है। इसके अलावा ये सकारात्मकता की भावनाओं में सुधार करता है।
बवासीर की समस्या में भी ये काफी प्रभावकारी है। इसके लिए आप इसके 50 ग्राम काले तिल इतने पानी में भिगोएं कि उस पानी को तिल ही सोख लें। इसके बाद इसे आधा घंटा पानी में भिगोकर पीस लें। फिर इसमें एक चम्मच मक्खन, दो चम्मच पिसी हुई मिश्री मिलाकर सुबह-शाम दो बार खाएं। इससे आपको बवासीर की समस्या में भी आराम मिलेगा और रक्त आने की समस्या में भी ।
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अगर आपको कैलशियम की कमी हो गई है, तो इसका सेवन आपके लिए काफी लाभकारी है। इसे प्राप्त करने के लिए आप प्रतिदिन 50 ग्राम तिल का सेवन कर सकते हैं। सफेद तिल से सेवन से भी आपके शरीर में जल्दी कैल्शियम की कमी पूरी होगी।
कब्ज की समस्या होने पर आप तिल का सेवन शुरू कर दें। इससे आपको काफी आराम मिलेगा। तिल में मौजूद फाइबर खाने को असानी से पचाने में मदद करता है। जिससे भाेजन आसानी से पच जाता है और कब्ज की समस्या में भी काफी आरम मिलेगा।
(अल्परज, रजोलोप) आठ चम्मच तिल, एक गिलास पानी, इसमें स्वाद के अनुसार गुड़ या 10 काली मिर्च पिसी हुई मिलाकर उबालें| आधा पानी रहने पर दो बार नित्य पियें| यह मासिक धर्म आने के 15 दिन पहले से मासिक स्त्राव काल तक पीती रहें| इससे मासिक धर्म खुलकर पर्याप्त मात्रा में साफ आएगा|
तिल की खल पीसकर, पानी डालकर गर्म करें और गर्म-गर्म ही मोच पर बांधें| दर्द में लाभ होगा|
कई अध्ययनों ने दावा किया है कि तिल या उनके तेल खाने से रक्त शर्करा को विनियमित करने में मदद मिलती है, खासकर मधुमेह के लोगों के लिए। लंबे समय में, यह अपने कम कार्बोहाइड्रेट, उच्च प्रोटीन और स्वस्थ वसा सामग्री के कारण एक कार्बनिक रक्त शर्करा नियामक के रूप में कार्य करता है। इसके अतिरिक्त, कई स्वस्थ प्रभावों के साथ एक उच्च-मूल्य वाले पौधे-व्युत्पन्न लिग्नान पिनोरेन्सिनोल की उपस्थिति रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने और विनियमित करने में एक आवश्यक भूमिका निभाती है।
62 ग्राम काले तिल सुबह दांतुन के बाद बिना कुछ खाए-पिए धीरे-धीरे खूब चबाकर खाएं| इसमें गुड़, चीनी कुछ भी न मिलाएं| ऊपर से एक गिलास ठंडा पानी पिएं| चाहें तो रात को भी इस तरह तिल खा सकते हैं| इस प्रयोग से दांत मजबूत होंगे| कंचननुमा बनेगी|
यदि सर्दी लगकर सूखी खांसी हो गई हो तो चार चम्मच तिल और इतनी ही मिश्री मिलाकर एक गिलास पानी में इतना उबालें कि पानी आधा रह जाये| फिर इसे पी जाएं और इसे नित्य तीन बार पिएं।
तिलों को पानी में चटनी की तरह पीसकर जले हुए पर मोटा लेप करें| लाभ होगा।
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आप पहले से ही जानते हैं कि तिल मैग्नीशियम में समृद्ध हैं। लेकिन, क्या
जानते हैं कि वे उच्च रक्तचाप और रक्तचाप को रोकने में मदद करते हैं। पॉलीअनसेचुरेटेड वसा और तिल के तेल में मौजूद यौगिक को रक्तचाप के स्तर को जांच में रखने के लिए जाना जाता है।
बालों में तिल के तेल की मालिश करें| मालिश के आधे घंटे बाद एक तौलिया गर्म पानी में डुबोकर व निचोड़कर सिर पर लपेट लें, ठंडा होने पर पुन: गर्म पानी में डुबोकर व निचोड़कर सिर पर लपेट लें| इस प्रकार पांच मिनट गर्म तौलिया लपेटे रखें, फिर ठंडे पानी से सिर धो लें| बालों की रूसी दूर हो जाएगी|
तिल आवश्यक खनिजों में समृद्ध है और आपके शरीर को तांबा, मैग्नीशियम और कैल्शियम की बहुत आवश्यक खुराक प्रदान करता है। जबकि तांबा संधिशोथ वाले लोगों के लिए उपयुक्त है, श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए मैग्नीशियम आदर्श है।
हमारी थायरॉयड ग्रंथि में शरीर के किसी भी अंग के सेलेनियम की उच्चतम एकाग्रता होती है, जो थायराइड हार्मोन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। तिल के बीज लगभग 18% सेलेनियम संदर्भ दैनिक सेवन (आरडीआई) की आपूर्ति करते हैं, दोनों अनसुनी और पतले बीज से, उन्हें थायराइड से निपटने के लिए सही आहार विकल्प बनाते हैं। इसके अतिरिक्त, इन बीजों में आयरन, कॉपर, जिंक और विटामिन बी 6 की मौजूदगी थायराइड हार्मोन के निर्माण का समर्थन करती है और थायराइड स्वास्थ्य में सहायता करती है।
दुनिया भर में सभी कोरोनोवायरस की चर्चा के साथ, प्रतिरक्षा एक ट्रेंडिंग विषय बन गया है। तिल के बीज आपको उनकी शक्ति से भरे खनिजों और विटामिनों के साथ आपकी प्रतिरक्षा बनाने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, जस्ता का सेवन टी-लिम्फोसाइटों को विकसित करने और सक्रिय करने में मदद करता है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं जो हमलावर रोगाणुओं को पहचानते हैं और हमला करते हैं।
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