Ai Content Generator
हमारे देश में सेक्स को लेकर आज भी संकोच, ग़लतफ़हमियों, भ्रांतियों की भरमार है. कई बार सेक्स से जुड़े मिथ्स के कारण पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां तक आ जाती हैं. साथ ही यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो रिश्ते कमज़ोर पड़ने लगते हैं और कई बार तलाक़ तक की नौबत आ जाती है. इसी विषय पर हमने सेक्सोलॉजिस्ट व मैरिज काउंसलर डॉ. राजीव आनंद से बात की.
- Advertisement - Continue Reading Below -
- Advertisement - Continue Reading Below -
– अक्सर लोग सेक्स से जुड़ी फैंटेसी व कल्पनाओं पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि ज़रूरत है इससे जुड़े हेल्दी व साइंटिफिक पहलुओं पर ग़ौर करने की.
– अधिकतर पुरुष पढ़ी-देखी हुई बातें, किताबें, फिल्में आदि में दिखाई गई अतिशयोक्ति को देख-सुन, उसी को सच समझने लगते हैं.
- Advertisement - Continue Reading Below -
- Advertisement - Continue Reading Below -
– उन्हें यह समझना होगा कि जो कुछ भी दिखाया जाता है, उसमें सच्चाई कम और सनसनी पैदा करनेवाली बातें व तथ्य अधिक होते हैं.
– ऐसी उपलब्ध सामग्री के कारण ही पार्टनर के मन में ग़लत धारणाएं विकसित होने लगती हैं और वे दिखाई गई चीज़ों से अपनी ज़िंदगी व अनुभव की तुलना करने लगते हैं.
– कपल्स साइज़ (ब्रेस्ट/पेनिस), सेक्स की अवधि(सेक्सुअल रिलेशन) आदि को लेकर कई तरह के मिथ्स को सच मानने लगते हैं व ग़लत अपेक्षाओं के शिकार हो जाते हैं.
– अक्सर पुरुष यह सोचते हैं कि पेनिस का साइज़ बड़ा होने से वे अपने पार्टनर को अधिक संतुष्ट कर सकते हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. यहां पर कपल्स का मानसिक व शारीरिक जुड़ाव अधिक महत्व रखता है.
– इसलिए सच्चाई को जानना या समझना ज़रूरी है. सेक्स में साइज़ से अधिक आपसी नज़दीकियां, प्यार, इंटीमेट पल शेयर करना अधिक ज़रूरी है, जो प्यार के हर पल को ख़ूबसूरत व यादगार बनाने में मददगार होता है.
– लेकिन सेक्स से जुड़े तमाम मिथ्स के कारण लोग ग़लत बातों में दिलचस्पी लेने लग जाते हैं.
– दुनियाभर में सेक्स से जुड़ा बिज़नेस, जैसे- ब्रेस्ट साइज़ बढ़ाने के लिए मेडिसिन, पोर्न किताबें-फिल्में, चीज़ें, टॉयज़ आदि का मल्टी मिलियन डॉलर का कारोबार फैला हुआ है. इसी के चलते कंपनियां बहुत-सी ऐसी बातों का प्रचार-प्रसार भी करती हैं, जिनका हक़ीक़त से कोई लेना-देना नहीं रहता.
– लेकिन इन्हीं सबसे प्रभावित हो पुरुष अपने पार्टनर से ग़लत अपेक्षाएं व व्यवहार करने लगते हैं, ख़ासतौर से पति के लिए पत्नी उनकी इच्छाओं को पूरी करनेवाली ऑब्जेक्ट बनकर रह जाती है.
– पत्नी का पति को ख़ुश करना व संतुष्ट करना परम कर्त्तव्य बन जाता है और जब वह ऐसा नहीं कर पाती है, तब वह पति के रिजेक्शन का शिकार हो जाती है.
– भ्रांतियां ग़लत अपेक्षाओं को जन्म देती हैं… ग़लत अपेक्षाएं असफलताएं पैदा करती हैं… असफलताओं से निराशा पनपने लगती है… और निराशा दुख का नेतृत्व करने लगती हैं… तब अंत में डिप्रेशन… तलाक़ तक स्थिति पहुंच जाती है. इसलिए इन सबसे बचने के लिए ज़रूरी है कि हम मिथ्स की बजाय पार्टनर पर विश्वास करें.
– पुरुषों के बीच यह मिथ भी ख़ूब मशहूर है कि कंडोम के इस्तेमाल से सेक्स एंजॉय नहीं कर पाते हैं. जबकि अक्सर सही ढंग से कंडोम का इस्तेमाल न करने की वजह ऐसा होता है. इसलिए इस तरह की ग़लतफहमियों से परे होकर अपने वैवाहिक जीवन को सकारात्मक सोच के साथ स्वीकार करें.
– मन में कोई भी भ्रांति, ग़लतफ़हमी हो, तो उस पर खुलकर बात करें. सवालों को मन में ना रखें, पार्टनर से बातचीत करें, क्योंकि मिथ पर विश्वास कर हम ख़ुद ही दुख क्रिएट करते हैं. तो क्यों न पार्टनर पर विश्वास कर सुख की दुनिया बसाई जाए.
– कई बार तो ऐसा भी होता है कि पति फर्स्ट नाइट पर पति अपनी पत्नी से खुलकर वर्जिनिटी के बारे में बात नहीं कर पाते और जीवनभर मन ही मन आशंकित रहते हैं.
– ऐसे में यह ज़रूरी है कि आप पार्टनर से खुलकर बात करें. सेक्स को लेकर कोई भी दुविधा या परेशानी हो, तो पार्टनर से कहें. स्थिति अधिक गंभीर हो जाए, तो सेक्सोजॉलिस्ट या फिर मैरिज काउंसलर की मदद लेने से भी न हिचकें.
– आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल के चलते पुरुष के साथ-साथ महिलाएं भी सेक्स के बारे में न केवल खुलकर बात करती हैं, बल्कि अपनी पसंद-नापसंद भी पार्टनर को बताती हैं. माना इससे कपल्स की सेक्स लाइफ अच्छी और एंजॉयमेंट से भरपूर हो जाती है, लेकिन यदि पुरुष पार्टनर संकीर्ण विचारों का हो या फिर इन बातों को ग़लत ढंग से ले, तो ऐसे में रिश्तों में तनाव आते देर नहीं लगती. इस तरह की परिस्थितियों से बचने के लिए बेहतर होगा कि पत्नियां पति के स्वभाव व सोच को अच्छी तरह से समझें. फिर धीरे-धीरे परिस्थितियों के अनुसार पहल करें. कोई भी बदलाव तुरंत नहीं आता, उसके लिए धैर्य, अपनापन व सूझबूझ की बेहद ज़रूरत होती है.
– पुरुषों के बीच सेक्स को लेकर और भी ऐसी कई भ्रांतियां हैं, जिनके कारण वैवाहिक जीवन प्रभावित होने लगता है, जैसे-
– कई पुरुषों का मानना है कि जिस लड़की के पेट का निचला हिस्सा निकला हुआ होता है, वो वर्जिन नहीं होती…
– सेक्स से लड़कियों के कूल्हे बड़े हो जाते हैं…
– पहली बार सेक्सुअल रिलेशन होने पर ब्लड निकलना ज़रूरी है, ये लड़की के वर्जिन होने का प्रमाण है.
– जिन महिलाओं ने शादी के पहले सेक्स किया होता है, उनके स्तन ढीले पड़ जाते हैं…
– जो महिला मास्टरबेशन करती है, वो मां नहीं बन सकती…
ऐसी तमाम बातें हर पल पुरुषों को अपने पार्टनर को लेकर सशंकित करती रहती हैैं. इसलिए यह ज़रूरी हो जाता है कि कपल्स हर पहलू पर खुलकर बात करें. रिश्ते में पारदर्शिता रिश्तों को मज़बूत बनाने का काम करती हैं. यह न भूलें कि आप दोनों का ज़िंदगीभर का साथ है, इसलिए जो भी परेशानी, ग़लतफ़हमियां, भ्रांतियां, शंकाएं हों, पार्टनर से ज़रूर कहें. उन्हें अपनी अपेक्षाएं और इच्छाओं से भी रू-ब-रू कराएं, ताकि दोनों ख़ुशहाल सेक्सुअल लाइफ एंजॉय कर सकें. अक्सर न कहने और मन ही मन कुढ़ते रहने के कारण भी रिश्ते कमज़ोर पड़ने लगते हैं. अतः ऐसा न करें.
– एक रिसर्च के अनुसार, जिन्हें इज़ैक्युलेशन (शीघ्रपतन) की शिकायत है, वे यदि सेक्स करने के दो घंटे पहले मास्टरबेशन (हस्तमैथुन) करें, तो यह समस्या दूर हो सकती है.
– पहली बार सेक्स कर रहे हैं, तो डरे नहीं, बल्कि खुले दिमाग़ से पार्टनर को सहयोग दें.
– एक रिसर्च के अनुसार, 14 % पुरुष हर सात मिनट में सेक्स के बारे में सोचते हैं, पर इसका यह मतलब नहीं है कि वे हमेशा सेक्स करने के लिए तैयार रहते हैं.
– ऊषा गुप्ता
Source: https://www.merisaheli.com/sex-myths-can-ruin-your-relationship/
- Advertisement - Continue Reading Below -
- Advertisement - Continue Reading Below -