15 इफेक्टिव रेज़ोल्यूशन हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए (15 Most Effective Resolution for Happy Married Life)
कल थे अजनबी, आज हमसफ़र हैं… दिलों की नज़दीकियां हैं, तो सोच के फ़ासले भी कम नहीं… क्यों न कुछ ऐसा करें, कुछ तुम बढ़ो, कुछ हम बढ़ें… इसके लिए आपको कुछ रिज़ोल्यूशन यानी संकल्प भी बनाने होंगे, ताकि वैवाहिक जीवन ताउम्र ख़ुशहाल बना रहे.

ज़िंदगी के सफ़र में आपके हाथों में किसी का हाथ हो और हर क़दम किसी का साथ मिल जाए, तो ज़िंदगी कितनी ख़ुशगवार हो जाती है. अब इसे प्रकृति का नियम कहें या हमारी ज़रूरत, लेकिन ज़िंदगी जीने के लिए हर किसी को एक साथी की ज़रूरत होती है. और यदि अपने जीवनसाथी के साथ ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन बिताना है, तो कुछ रिज़ोल्यूशन भी बनाने होंगे. यहां पर हम आपको ऐसे ही 15 रिज़ोल्यूशन बता रहे हैं, जिन्हें निभाने के बाद आपके रिश्तों में जीवनभर मिठास बनी रहेगी.
1. शादी के सातों वचन निभाने का रिज़ोल्यूशनः अपनी शादी के दिन को कभी न भूलें. यह आपको हमेशा याद दिलाएगा कि आपने शादी के समय क्या वचन लिए थे. उन सातों वचनों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध रहें. ख़ुद से वादा करें कि मैं अपने साथी के साथ किए गए विवाह की वजह अर्थात् प्रेम को कभी नहीं भूलूंगा या भूलूंगी. इसके लिए सबसे अच्छा उपाय यह है कि अपनी शादी का वीडियो साथ बैठकर देखें.
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2. कम्युनिकेशन बनाए रखने का संकल्पः संवाद स़िर्फ शादीशुदा रिश्ते के लिए ही नहीं, बल्कि हर रिश्ते के लिए जादू का काम करता है. रिलेशनशिप एक्सपर्ट रेवा जोशी बताती हैं कि संवादहीनता वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी समस्या है. यदि आप अपने पार्टनर से नाराज़ हैं या उनसे आपकी कुछ अपेक्षाएं हैं, तो अपने साथी से प्रत्यक्ष बात करें. उनसे जुड़ी अपनी शिकायतें उनसे ही शेयर करें. उन्हें किसी और के साथ न बांटें, वरना आप दोनों के बीच में ग़लतफ़हमियां बढ़ेंगी. वैवाहिक जीवन में छोटे-मोटे झगड़े-शिकायतें सामान्य हैं और इन्हें बातचीत द्वारा ही सुलझाया जा सकता है, पर संवादहीनता धीरे-धीरे आपके रिश्ते मेें बिखराव उत्पन्न कर देती है.
3. अपने साथी को समय देनाः आज की जीवनशैली में यह रिज़ोल्यूशन सबसे महत्वपूर्ण है, वहीं इसे निभा पाना शायद आपके लिए सबसे ज़्यादा मुश्किल होगा. शहरी कपल्स की यह बहुत बड़ी समस्या है. यह सच्चाई है कि करियर व पैसे की भागदौड़ में दोनों को साथ बैठकर बातें करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता, लेकिन शायद आप नहीं जानते कि आप इसकी क्या क़ीमत चुका रहे हैं? आप दोनों के बीच समय की कमी मीलों के फ़ासले बना रही है. स़िर्फ साथी को समय देना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसे क्वालिटी टाइम देना भी ज़रूरी है. अर्थात् जब आप अपने साथी के साथ हों, तब आप अपने तनावों के साथ न बैठें,बल्कि अपना पूरा ध्यान उसी पर केंद्रित करें. पार्टनर को ऑफ़िस ड्रॉप करें, उसे लेने जाएं या छुट्टी का पूरा दिन साथ बिताएं. अपने हर पल में अपने साथी को शामिल करने की कोशिश करें.
4. झगड़ों के समय संयम न खोनाः झगड़े वैवाहिक जीवन का अभिन्न अंग हैं, पर झगड़े के समय अपना संयम और विवेक न खोएं. ज़्यादातर समस्याएं इसलिए होती हैं, क्योंकि झग़ड़ते समय हम क्या कह रहे हैं, इस पर हमारा नियंत्रण नहीं होता है. लेकिन बाद में जब झगड़ा ख़त्म हो जाता है या यूं कहें कि हम शांत हो जाते हैं, तो हमें अपने किए पर पछतावा होता है. झगड़ते समय साथी या उसके रिश्तेदारों को अपशब्द न कहें, न ही किसी प्रकार की मार-पीट करें. नोंक-झोंक आपके रिश्ते में नमक का काम करती है, जो आपके रिश्ते का स्वाद बढ़ाती है, पर अगर नमक ज़रूरत से ज़्यादा पड़ जाए, तोे पूरा स्वाद ख़राब हो जाता है.
5. स्पर्श का जादू चलाने का वादाः व्यस्तता के बावजूद छोटे-छोटे पल चुराकर अपने साथी को स्पर्श करना न भूलें. यकीन मानिए, आपकी इस तरह की शरारतों का पार्टनर कभी भी बुरा नहीं मानेंगे, बल्कि मन ही मन ख़ुश होंगे. याद रखिए, आपके द्वारा दिया गया एक आलिंगन या उंगलियों की छुअन आपके साथी को आपके प्यार के बंधन में बांधे रखेगी और हर तनाव से मुक्त कर नया आत्मविश्वास पैदा करेगी.
6. मान-सम्मान देनाः आप हमेशा अपने साथी से मान-सम्मान की अपेक्षा करते हैं, पर इसके लिए आपको सबसे पहले अपने साथी को भी आदर देना होगा. उसकी भावनाओं का सम्मान करना होगा. उससे जुड़े अन्य लोगों का भी सम्मान करना होगा.
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7. ग़लती को माफ़ करनाः यदि आपका साथी अपनी किसी ग़लती को स्वीकारने आपके पास आया है, तो कभी भी उसे रिजेक्ट करने या उस पर ग़ुस्सा करने की ग़लती न करें, क्योंकि आपके ऐसा करने पर वह फिर कभी भी आपसे सच कहने या माफ़ी मांगने की हिम्मत नहीं कर पाएगा. उसे समझें और माफ़ कर दें. यह न भूलें कि क्षमा करके जीवन में आगे बढ़ जाने में ही समझदारी है.
8. अभिमान न करनाः वैवाहिक जीवन में अभिमान या ईगो कभी न आने दें. चाहे आप अपने साथी से ज़्यादा कमाते हों, ज़्यादा सुपीरियर हों, ज़्यादा पढ़े-लिखे हों, पर किसी बात का ईगो न पालें, न ही घमंड करें. ईगो प्रेम और विश्वास को ख़त्म कर देता है.
9. शक न करनाः यदि आपके साथी का कोई स्त्री या पुरुष मित्र है, तो परेशान न हों. अगर किसी वजह से पार्टनर को ऑफ़िस से आने में देरी हो जाए, तो तुरंत अपने शक की सुई उसे न चुभोएं. रिएक्ट करने से पहले देरी से आने की वजह सुन लें. शक करना बहुत आसान है, पर विश्वास करना बहुत ही मुश्किल, लेकिन याद रखें विश्वास आपको ख़ुशहाल ज़िंदगी की ओर ले जाएगा.
10. अपमान न करनाः आप दोनों के रिश्ते के उतार-चढ़ाव नितांत निजी हैं. उसे बाकी लोगों के सामने न आने दें. अपने साथी को कभी किसी के सामने अपमानित न करें. ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे उनका स्वाभिमान आहत हो. आपको एक-दूसरे का साथ देना है, न कि लोगों के सामने एक-दूसरे को नीचा दिखाना है. यदि आप अपने साथी को उनकी किसी ग़लती का एहसास कराना चाहते हैं, तो इसके लिए उन्हें लोगों के सामने शर्मिंदा न करें, बल्कि अकेले में बताएं.
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11. ज़िम्मेदारियों से न बिदकने का संकल्पः शादीशुदा ज़िंदगी में स़िर्फ पति-पत्नी ही नहीं होते, बल्कि धीरे-धीरे कई सारी ज़िम्मेदारियां भी आ जाती हैं, जैसे- बच्चों की ज़िम्मेदारी, माता-पिता की ज़िम्मेदारी आदि. ऐसी कोई भी ज़िम्मेदारी आने पर पीछे न हटें, बल्कि उन्हें निभाने में अपने साथी का साथ दें.
12. छुट्टियों पर जानाः अपनी व्यस्त जीवनशैली से कुछ समय निकालकर कुछ दिन अपने साथी के साथ छुट्टियों पर ज़रूर जाएं. सेकंड हनीमून प्लान करने में भी कोई बुराई नहीं है.
13. पार्टनर को नज़रअंदाज़ न करनाः अपने जीवन के हर छोटे-बड़े ़फैसले में अपने साथी को शामिल करें. कहीं पर या कभी भी उसे नज़रअंदाज़ न करें. उन्हें बताएं कि आपके लिए वे कितने महत्वपूर्ण हैं.
14. बहुत प्यार करने का वादाः याद रखिए, चाहे जितने झगड़े या वाद-विवाद हों, दिन के आख़िर में जीत आपके प्यार की होनी चाहिए. अपने आपसी मतभेद सोने से पहले सुलझाने की कोशिश करें. कभी भी अपने झगड़ों के साथ सोने न जाएं. याद रहे, आपके प्रेम से ज़्यादा महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है.
15. सारे रिज़ोल्यूशन निभाने का रिज़ोल्यूशनः यह संकल्प सबसे ज़रूरी है. हमेशा ख़ुद से किए हर वादे या संकल्प को याद रखें और उसे पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करें.
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