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World Environment Day 2021: पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आइये जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण का संकल्प लें!


World Environment Day 2021: पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आइये जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण का संकल्प लें!

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विश्व पर्यावरण दिवस 2021 (Photo Credits: Pixabay)

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प्रकृति हो अथवा मानव जीवन, समाज हो या देश, इनकी सुरक्षा एवं संरक्षा तभी तक संभव है, जब उनमें पर्याप्त संतुलन बना रहे. पर्यावरण के बिगड़ते स्वरूप के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हम सब ही हैं. जिस तरह से हमने प्रकृति प्रदत्त उपहारों का जरूरत से ज्यादा दोहन किया है, वैध अथवा अवैध तरीकों से हरे-भरे जंगलों को कंक्रीट के जंगलों में तब्दील किया, जिस कारण आये दिन हमें प्रकृति का प्रकोप झेलना पड़ रहा है. अभी भी वक्त है, हम प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों एवं दायित्वों का निर्वहन तत्परता से करें. याद रखिये इस दिशा में सरकारी उपक्रम पर्याप्त नहीं हो सकता, जब तक हम प्रकृति की सुरक्षा और संरक्षा का संकल्प न लें. अगर हम पर्यावरण के प्रति वाकई गंभीर हैं तो हमें संकल्प लेना होगा कि इस विश्व पर्यावरण दिवस यानी 5 जून के दिन एक-एक वृक्ष जरूर लगाएं. ताकि हम हमारी आनेवाली पीढ़ियां प्राकृतिक संसाधनों से महरूम न हों. यहां हम बात करेंगे कि प्रकृति और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए हम क्या कुछ कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: World Environment Day 2020: विश्‍व पर्यावरण दिवस- पृथ्‍वी की मुस्कुराहट लौटाने का समय

जंगलों के बाड़े लगाकर घेरा जाये!

यह सच है कि हमने प्रकृति को तहस-नहस करने की कोई कसर नहीं छोड़ी. लेकिन अभी वक्त है, हमें प्रायश्चित करते हुए बचे हुए प्राकृतिक जंगलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी, ताकि जंगल के जानवरों को शहर की ओर ना आना पड़े. जंगलों की सीमाओं को कटीलेदार तारों से घेरकर जंगलों को सुरक्षित किया जा सकता है. ध्यान रखिये जंगल होंगे तभी हमारा भी अस्तित्व बरकरार रहेगा.

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पानी की खपत कम करें!

‘जल है तो जीवन है’. स्वच्छ जल निरंतर कीमती होता जा रहा है, लेकिन जल संरक्षण के लिए हम कोई काम नहीं कर रहे हैं. स्नान करते हुए, वाशिंग मशीन से कपड़े धोते समय या नित्य क्रिया निवृत्त होने के दौरान हम जरूरत से ज्यादा जल को व्यर्थ होने से बचा सकते हैं. नदियों में गंदे पानी के प्रवाह को रोका जा सकता है. गाडियों की धुलाई में कम से कम पानी का इस्तेमाल करें. घरों एवं फैक्ट्रियों के गंदे पानी को नदी अथवा तालाब में जाने से रोका जा सकता है.

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बिजली का कम से कम उपयोग करें!

बिजली के उपकरण का उपयोग करने के बाद उसे बंद कर देना चाहिए. इससे हम बिजली का खर्च तो बचाते ही हैं साथ ही बिजली में प्रयुक्त ऊर्जा का भी संचय करते हैं. पुराने समय के बल्ब या ट्यूब लाइट की जगह एलइडी बल्बों का इस्तेमाल करें. जब जरूरत नहीं हो तो कम्प्यूटर, लैपटॉप, पंखे, एसी, कूलर का स्विच ऑफ कर दें. यह भी पढ़ें: Happy World Environment Day 2020 Wishes: विश्व पर्यावरण दिवस पर इन बेस्ट हिंदी Facebook Messages, WhatsApp Stickers, GIF Greeting, Images, Quotes, Wallpapers के जरिए अपनों को करें जागरूक

वृक्षारोपण की प्रवृत्ति को बढ़ाएं!

हरे भरे पेड़ों को बचाने के लिए समूह बनाकर विरोध करें. बिना इजाजत वृक्ष काटना अपराध है, इस बात का ज्यादा से ज्यादा प्रचार कर लोगों को जागरुक करें. गौरतलब है कि अधिकांश पेड़ों की औसत आयु मनुष्य से अधिक होती है. विश्व पर्यावरण दिवस एवं अपने जन्म दिन पर एक वृक्ष उगाने का संकल्प लें. पचास फीसदी लोगों ने भी अगर ऐसा किया तो साल में करीब 140 करोड़ वृक्ष लगाये जा सकते हैं. वृक्ष लगाने के लिए कालोनी, मोहल्लों, बगीचों, सड़कों के किनारे, रेलवे लाइन के दोनों ओर, तालाबों एवं नदी के किनारों पर वृक्ष रोपे जा सकते हैं. बोये गये वृक्षों की सुरक्षा के लिए चौकीदारी, बेरोजगारों एवं महिलाओं को अल्पकालिक रोजगार मुहैया कराया जा सकता है.

बिजली एवं टेलीफोन के तार अंडरग्राउंड हों!

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बिजली और टेलीफोन की लाइनों को अंडरग्राउंड बिछाया जाये, इस वजह से अनावश्यक वृक्षों को कटने से रोका जा सकता है. वृक्ष बचेंगे तो पर्यावरण सुरक्षित होगा साथ ही उसके फल फूलों से उसका सौंदर्य भी लोगों को आकर्षित करेगा, साथ ही सड़क किनारे चलनेवाले मुसाफिरों को ठंडी छाया भी मुफ्त मिलेगी.




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