Events & Festivals

Surya Grahan 2021: आज सूर्य ग्रहण पर 148 वर्ष बाद बनेगा अद्भुत संयोग! प्राकृतिक उथल-पुथल की संभावना क्यों जता रहे हैं ज्योतिष?

NOTE: PAGE CONTENT AUTO GENERATED
Surya Grahan 2021: आज सूर्य ग्रहण पर 148 वर्ष बाद बनेगा अद्भुत संयोग! प्राकृतिक उथल-पुथल की संभावना क्यों जता रहे हैं ज्योतिष?

सूर्य ग्रहण 2021/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Surya Grahan 2021: आज 10 जून 2021 दिन गुरुवार को दोपहर में ज्यों ही घड़ी की सूई 01.42 पर पहुंचेगी साल का पहला सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) काल शुरु हो जायेगा. इस ग्रहण का समापन सायं 06.41 पर होगा. इस दौरान चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के एकदम बीच में होगा. इस वजह से सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) काल में सूर्य एक चमचमाते रिंग की तरह नजर आयेगा. इस बार इसी दिन शनि जयंती का योग बनने के कारण खगोलीय घटनाक्रम दर्शनीय हो सकता है. यूं तो यह सूर्य ग्रहण संपूर्ण भारत में नहीं दिखेगा. हमारे ज्योतिषाचार्य श्री रवींद्र पाण्डेय बता रहे हैं कि यह सूर्य ग्रहण कहां कहां से किस स्थिति में दिखेगा. और इसकी क्या प्रतिक्रिया हो सकती है भूमंडल पर.

क्या है विशेष योग?

आज लगनेवाले सूर्य ग्रहण की विशेष योग का जिक्र करते हुए रवींद्र पाण्डेय बताते हैं, -आज के सूर्य ग्रहण की खास बात यह है कि यह शनि जयंती के दिन लग रहा है. हिंदू शास्त्र के अनुसार शनि देव सूर्य देव और छाया के पुत्र हैं. शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण का संयोग करीब 148 साल पहले बना था, जब 26 मई 1873 के दिन शनि जयंती और सूर्य ग्रहण एक साथ पड़ा था. यह भी पढ़ें: Solar Eclipse 2021: अपनी आंखों को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे देखें ‘रिंग ऑफ फायर’ का नजारा, सूर्य ग्रहण देखते समय इन 5 बातों का रखें ख्याल

प्राकृतिक उथल-पुथल की संभावना!

यह सच है कि इस बार भारतीय परिक्षेत्र में सूर्य ग्रहण के आंशिक होने से सूतक नहीं लगा है, लेकिन ज्योतिषियों का कहना है कि 15 दिनों के अंदर दो ग्रहण का लगना किसी प्राकृतिक उथल-पुथल की ओर इशारा कर रहा है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस सूर्य ग्रहण का जो परिदृश्य दिखाई दे रहा है, मसलन शनि वक्री स्थिति में है, उसे देखकर कहा जा सकता है कि वर्तमान समय में कुछ भूमंडलीय उथल-पुथल यानी भूस्खलन, भूकम्प, मौसम में व्यापक परिवर्तन, तेज समुद्री तूफान, अति जलवृष्ठि इत्यादि का सामना ग्रहणकाल में अथवा इसके पश्चात करना पड़ सकता है. क्योंकि वर्ष का राजा मंगल है और मंत्री भी मंगल ही है. जब भी ग्रहों का ऐसा योग होता है तो पृथ्वी पर सैन्य तनाव, युद्ध की संभावना बढ़ जाती है, यह स्थिति भारत में ही हो यह संभव नहीं बल्कि इस भूमंडल पर कहीं भी ऐसा हो सकता है.

भारत में कब कहां-कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

ज्योतिषाचार्य के अनुसार साल का यह पहला सूर्य ग्रहण भारत के कुछ ही स्थानों पर आंशिक रूप से और घटते प्रभाव के साथ कुछ समय के लिए ही दिखेगा. सूर्य ग्रहण का यह नजारा लद्दाख के उत्तरी दिशाओं तथा अरुणाचल प्रदेश में सायंकाल 05.52 बजे के करीब देखा जा सकेगा. ग्रहण का कम प्रभाव होने के बावजूद इसे नंगी आंखों से नहीं देखा जाना चाहिए. इससे आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है. नासा (नेशनल एरोऩॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट) के अनुसार आज सूर्य ग्रहण पर खगोलीय घटनानुसार सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आकर सूर्य की रोशनी बाधित कर देगा, जिसकी वजह से सूर्य का नजारा किसी चमकते रिंग की तरह दिखेगा. यह भी पढ़ें: सूर्य ग्रहण 2021: जानें आंशिक सूर्य ग्रहण में भी क्या करें क्या ना करें!

विदेशों में कहां दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?

संपूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा कनाडा, रूस और ग्रीनलैंड में नजर आयेगा. इसके अलावा न्यूयार्क, वाशिंगटन, डीसी लंदन और टोरंटो में आंशिक सूर्य ग्रहण देखे जाने की सूचना है.


Join Telegram Download Server 1 Download Server 2 Viral News

Socially Keeda

Socially Keeda, the pioneer of news sources in India operates under the philosophy of keeping its readers informed. SociallyKeeda.com tells the story of India and it offers fresh, compelling content that’s useful and informative for its readers.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker