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Hindi Day Poem 2024 Hindi Diwas Kavita 2024 Hindi Diwas Par Kavita Poem High New Best Hindi Diwas Par Quick & Small Kavita For Class 1 To 12 Hindi Day Poem Kavita हिंदी दिवस पर कविता : इस लेख में हमने हिंदी दिवस पर बहुत ही सुन्दर और प्यारी कविताए Hindi Diwas Poem Kavita Hindi Day Poem For Class 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 लेकर आये है | हिंदी दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम व हिंदी दिवस कविता लेखन प्रतियोगिता में इन Hindi Diwas Ki Kavita Poem को गाकर, बोलकर व लिखकर अच्छा प्रदर्शन कर सकते है |
आपको बतादे की हिंदी के महान साहित्यकार व्यौहार राजेन्द्र सिंह के जन्मदिन पर हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है | और पूरी दुनिया में हिंदी भाषा की ख्याति फैलाए के लिए हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाते है | हिन्दी दिवस अवसर पर महान कवियों व लेखको द्वारा लिखी हुईं प्रसिद्ध हिंदी दिवस पर कविताएं Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Par Kavita आप यहाँ से पढ़ सकते है |
भारत और भारतवासियों में हिंदी को केवल एक भाषा का दर्जा नहीं दिया गया है बल्कि इसे मातृभाषा कहा गया हैं | हिंदी का साहित्य दुनिया के सबसे समृद्ध साहित्य में गिना जाता है | हिंदी के विकास को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने और सम्मान प्रकट करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है |
इस लेख के माध्यम से हिंदी दिवस पर कुछ चुनिन्दा कविता Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Par Kavita High New Best Hindi Diwas Par Quick & Small Kavita For Class 1 To 12 लेकर आये है | इन Hindi Day Poem Kavita को आप हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गाकर व बोलकर सुना सकते है | आइये पढ़ते है Hindi Diwas Poem Hindi Diwas Par Best Kavita Poem.
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करो अपनी भाषा पर प्यार
जिसके बिना मूक रहते तुम, रुकते सब व्यवहार
जिसमें पुत्र पिता कहता है, पतनी प्राणाधार
और प्रकट करते हो जिसमें तुम निज निखिल विचार
बढ़ायो बस उसका विस्तार
करो अपनी भाषा पर प्यार
भाषा विना व्यर्थ ही जाता ईश्वरीय भी ज्ञान
सब दानों से बहुत बड़ा है ईश्वर का यह दान
असंख्यक हैं इसके उपकार
करो अपनी भाषा पर प्यार
यही पूर्वजों का देती है तुमको ज्ञान-प्रसाद
और तुमहारा भी भविष्य को देगी शुभ संवाद
बनाओ इसे गले का हार
करो अपनी भाषा पर प्यार
हिंदी थी वो जो लोगो के दिलों में उमंग भरा करती थी
हिंदी थी वह भाषा जो लोगों के दिलों मे बसा करती थी
हिंदी को ना जाने क्या हुआ, रहने लगी हैरान परेशान
पूछा तो कहती है, अब कहां है मेरा पहले सा सम्मान
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हिंदी-हिंदू हिन्दुस्तान
कहते हैं, सब सीना तान
पल भर के लिये जरा सोंचे इन्सान
रख पाते हैं हम इसका कितना ध्यान
सिर्फ 14 सितम्बर को ही करते है
अपनी हिंदी भाषा का सम्मान
हम सबकी प्यारी
लगती सबसे न्यारी
कश्मीर से कन्याकुमारी
राष्ट्रभाषा हमारी
साहित्य की फुलवारी
सरल-सुबोध पर है भारी
अंग्रेजी से जंग जारी
सम्मान की है अधिकारी
जन-जन की हो दुलारी
हिन्दी ही पहचान हमारी
हिन्दी इस देश का गौरव है, हिन्दी भविष्य की आशा है
हिन्दी हर दिल की धड़कन है, हिन्दी जनता की भाषा है
इसको कबीर ने अपनाया, मीराबाई ने मान दिया
आज़ादी के दीवानों ने इस हिन्दी को सम्मान दिया
जन-जन ने अपनी वाणी से हिन्दी का रूप तराशा है
हिन्दी हर क्षेत्र में आगे है, इसको अपनाकर नाम करें
हम देशभक्त कहलाएंगे, जब हिन्दी में सब काम करें
हिन्दी चरित्र है भारत का, नैतिकता की परिभाषा है
हिन्दी हम सबकी ख़ुशहाली है
हिन्दी विकास की रेखा है
हिन्दी में ही इस धरती ने हर ख़्वाब सुनहरा देखा है
हिन्दी हम सबका स्वाभिमान, यह जनता की अभिलाषा है
वैसे तो हर वर्ष बजता है नगाड़ा
नाम लूँ तो नाम है हिंदी पखवाड़ा
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हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दुस्तान हमारा
कितना अच्छा व कितना प्यारा है ये नारा
हिंदी में बात करें तो मूर्ख समझे जाते हैं
अंग्रेजी में बात करें तो जैंटलमेल हो जाते
अंग्रेजी का हम पर असर हो गया
हिंदी का मुश्किल सफ़र हो गया
देसी घी आजकल बटर हो गया
चाकू भी आजकल कटर हो गया
अब मैं आपसे इज़ाज़त चाहती हूँ
हिंदी की सबसे हिफाज़त चाहती हूँ
मैं भारत माँ के मस्तक पर सबसे चमकीली बिंदी हूँ
मैं सब की जानी पहचानी भारत की भाषा हिंदी हूँ
मेरी बोली में मीरा ने मनमोहक काव्य सुनाया है
कवि सूरदास के गीतों में मैंने कम मान न पाया है
तुलसीकृत रामचरितमानस मेरे मुख में चरितार्थ हुई
विद्वानों संतों की वाणी गुंजित हुई, साकार हुई
भारत की जितनी भाषाएँ सब मेरी सखी सहेली हैं
हम आपस में क्यों टकराएं हम बहने भोली भाली हैं
सब भाषाओं के शब्दों को मैंने गले लगाया है
इसलिए भारत के जन-जन ने मुझे अपनाया है
मैंने अनगिनत फिल्मों में खूब धूम मचाई है
इसलिए विदेशियों ने भी अपनी प्रीति दिखाई है
सीधा-साधा रूप ही मेरा सबके मन को भाता है
भारत के जनमानस से मेरा सदियों पुराना नाता है
मैं भारत माँ के मस्तक पर सबसे चमकीली बिंदी हूँ
मैं सब की जानी पहचानी भारत की भाषा हिंदी हूँ
[Best] Hindi Diwas Shayari हिंदी दिवस पर शायरी
हिंदी भाषा पर नारे स्लोगन Hindi Diwas Slogan
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बनने चली विश्व भाषा जो
अपने घर में दासी
सिंहासन पर अंग्रेजी है
लखकर दुनिया हांसी
लखकर दुनिया हांसी
हिन्दी दां बनते चपरासी
अफसर सारे अंग्रेजी मय
अवधी या मद्रासी
कह कैदी कविराय
विश्व की चिंता छोड़ो
पहले घर में
अंग्रेजी के गढ़ को तोड़ो
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इस लेख में Hindi Diwas Kavita Lekhan Hindi Diwas Kavita Path Hindi Diwas Par Acchi Si Kavita हिंदी दिवस का कविता Kavita Hindi Diwas Ke Naked Mein Kavita Hindi Diwas Par Kavita For Class 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 Diwas Par Ek Kavita Hindi Diwas Par Humorous Kavita Hindi Kavita For Hindi Diwas Hindi Kavita Hindi Diwas Ke Liye Hindi Diwas Ki Kavita Hindi Diwas Ka Kavita Hindi Diwas Par Koi Kavita Kavita Hindi Diwas Ke Upar Hindi Diwas Ke Liye Koi Kavita Hindi Diwas Par Kavita Lyrics Hindi Diwas Ke Liye Kavita का संग्रह उपलब्ध है |
गूंजी हिन्दी विश्व में
गूंजी हिन्दी विश्व में
स्वप्न हुआ साकार
राष्ट्र संघ के मंच से
हिन्दी का जयकार
हिन्दी का जयकार
हिन्दी हिन्दी में बोला
देख स्वभाषा-प्रेम
विश्व अचरज से डोला
कह कैदी कविराय
मेम की माया टूटी
भारत माता धन्य
स्नेह की सरिता फूटी
‘हिन्दी हमारी राष्ट्रीय भाषा’
हिन्दी-हिन्दु-हिन्दुस्तान
कहते है, सब सीना तान
पल भर के लिये जरा सोचे इन्सान
रख पाते है हम इसका कितना ध्यान
सिर्फ 14 सितम्बर को ही करते है
अपनी राष्टृ भाषा का सम्मान
हर पल हर दिन करते है हम
हिन्दी बोलने वालो का अपमान
14 सितम्बर को ही क्यों
याद आता है बस हिन्दी बचाओं अभियान
क्यों भूल जाते है हम
हिन्दी को अपमानित करते है खुद हिन्दुस्तानी इंसान
क्यों बस 14 सितम्बर को ही हिन्दी में
भाषण देते है हमारे नेता महान
क्यों बाद में समझते है अपना
हिन्दी बोलने में अपमान
क्यों समझते है सब अंग्रेजी बोलने में खुद को महान
भूल गये हम क्यों इसी अंग्रेजी ने
बनाया था हमें वर्षों पहले गुलाम
आज उन्हीं की भाषा को क्यों करते है
हम शत् शत् प्रणाम
अरे ओ खोये हुये भारतीय इंसान
अब तो जगाओ अपना सोया हुआ स्वाभिमान
उठे खडे हो करें मिलकर प्रयास हम
दिलाये अपनी मातृभाषा को हम
अन्तरार्ष्टृीय पहचान
ताकि कहे फिर से हम
हिन्दी-हिन्दु-हिन्दुस्तान
कहते है, सब सीना तान
हिंदी का सम्मान करो, यह हमारी राज भाषा
मिलाती देशवाशियों के दिलों को यह, पूरी करती अभिलाषा
देखो प्रेमचंद और भारतेन्दु के यह हिंदी साहित्य
जो लोगो के जीवन में ठहाको और मनोरंजन के रंग भरते नित्य
हिंदी भाषा की यह कथा पुरानी लगभग एक हजार वर्ष
जो बनी क्रांति की ज्वाला तो कभी स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष
आजाद भारत में भी इसका कम नही योगदान
इसलिए हिंदी दिवस के रुप में इसे मिला यह विशेष स्थान
विनती बस यही हिंदी को ना दो तुम यह दोयम दर्जे का मान
हिंदी से सदा करो प्रेम तुम दो इसे विशेष सम्मान
रोज मनाओ तुम हिंदी दिवस बनाओ इसे अपना अभिमान
हिंदी है हमारी राजभाषा इसलिए दो इसे अपने ह्रदयों में विशेष स्थान
अंग्रेजी की माला जपकर ना करो हिंदी का अपमान
आओ मिलकर सब प्रण ले नित्य करेंगे हिंदी का सम्मान
हिंदी थी वह जो लोगो के ह्रदयों में उमंग भरा करती थी
हिंदी थी वह भाषा जो लोगो के दिलों मे बसा करती थी
हिंदी को ना जाने क्या हुआ रहने लगी हैरान परेशान
पूछा तो कहती है अब कहां है मेरा पहले सा सम्मान
मैं तो थी लोगो की भाषा, मैं तो थी क्रांति की परिभाषा
मैं थी विचार-संचार का साधन मैं थी लोगो की अभिलाषा
मुझको देख अपनी दुर्दशा आज होती है बड़ी निराशा
सुन यह दुर्दशा व्यथा हिंदी की ह्रदय में हुआ बड़ा आघात
बात तो सच है वास्तव में हिंदी के साथ हुआ बड़ा पक्षपात
हिंदी जो थी जन-जन की भाषा और क्रांति की परिभाषा
वह हिंदी कहती है लौटा दो उसका सम्मान यही हैं उसकी अभिलाषा
अपने ही देश में हिंदी दिवस को तुम बस एक दिन ना बनाओ
मैं तो कहता हुं हिंदी दिवस का यह त्योहार तुम रोज मनाओ
आओ मिलकर प्रण ले हम सब करेंगे हिंदी का सम्मान
पूरी करेंगे हिंदी की अभिलाषा देंगे उसे दिलों में विशेष स्थान
पड़ने लगती है पियूष की शिर पर धारा
हो जाता है रुचिर ज्योति मय लोचन-तारा
बर बिनोद की लहर हृदय में है लहराती
कुछ बिजली सी दौड़ सब नसों में है जाती
आते ही मुख पर अति सुखद जिसका पावन नामही
इक्कीस कोटि-जन-पूजिता हिन्दी भाषा है वही
हिंदुस्तानी हैं हम गर्व करो हिंदी भाषा पर
उसे सम्मान दिलाना और देना कर्तव्य हैं हम पर
ख़त्म हुआ विदेशी शासन
तोड़दो अब उन बेड़ियों को
खुले दिल से अपनाओ इस खुले आसमां को
लेकिन ना छोड़ो धरती माँ के प्यार को
हिंदी हैं राष्ट्रभाषा हमारी
इस पर करो जिन्दगी न्यौछावर सारी
[Best] Hindi Diwas Shayari हिंदी दिवस पर शायरी
हिंदी भाषा पर नारे स्लोगन Hindi Diwas Slogan
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संस्कृत की एक लाड़ली बेटी है ये हिन्दी
बहनों को साथ लेकर चलती है ये हिन्दी
सुंदर है, मनोरम है, मीठी है, सरल है
ओजस्विनी है और अनूठी है ये हिन्दी
पाथेय है, प्रवास में, परिचय का सूत्र है
मैत्री को जोड़ने की सांकल है ये हिन्दी
पढ़ने व पढ़ाने में सहज है, ये सुगम है
साहित्य का असीम सागर है ये हिन्दी
तुलसी, कबीर, मीरा ने इसमें ही लिखा है
कवि सूर के सागर की गागर है ये हिन्दी
वागेश्वरी का माथे पर वरदहस्त है
निश्चय ही वंदनीय मां-सम है ये हिंदी
अंग्रेजी से भी इसका कोई बैर नहीं है
उसको भी अपनेपन से लुभाती है ये हिन्दी
यूं तो देश में कई भाषाएं और हैं
पर राष्ट्र के माथे की बिंदी है ये हिन्दी
हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दुस्तान हमारा
कितना अच्छा व कितना प्यारा है ये नारा
हिंदी में बात करें तो मूर्ख समझे जाते हैं
अंग्रेजी में बात करें तो जैंटलमेल हो जाते
अंग्रेजी का हम पर असर हो गया
हिंदी का मुश्किल सफ़र हो गया
देसी घी आजकल बटर हो गया
चाकू भी आजकल कटर हो गया
अब मैं आपसे इज़ाज़त चाहती हूँ
हिंदी की सबसे हिफाज़त चाहती हूँ
जन-जन की भाषा है हिंदी
भारत की आशा है हिंदी
जिसने पूरे देश को जोड़े रखा है
वो मजबूत धागा है हिंद
हिन्दुस्तान की गौरवगाथा है हिंदी
एकता की अनुपम परम्परा है हिंदी
जिसके बिना हिन्द थम जाए
ऐसी जीवनरेखा है हिंदी
जिसने काल को जीत लिया है
ऐसी कालजयी भाषा है हिंदी
सरल शब्दों में कहा जाए तो
जीवन की परिभाषा है हिंदी
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हिन्दी मेरे रोम-रोम में
हिन्दी में मैं समाई हूँ
हिन्दी की मैं पूजा करती
हिन्दोस्तान की जाई हूँ
सबसे सुन्दर भाषा हिन्दी
ज्यों दुल्हन के माथे बिन्दी
सूर, जायसी, तुलसी कवियों की
सरित-लेखनी से बही हिन्दी
हिन्दी से पहचान हमारी
बढ़ती इससे शान हमारी
माँ की कोख से जाना जिसको
माँ,बहना, सखि-सहेली हिन्दी
निज भाषा पर गर्व जो करते
छू लेते आसमाँ न डरते
शत-शत प्रणाम सब उनको करते
स्वाभिमान….. अभिमान है हिन्दी…
हिन्दी मेरे रोम-रोम में
हिन्दी में मैं समाई हूँ
हिन्दी की मैं पूजा करती
हिन्दोस्तान की जाई हूँ
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम गाते हंसते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम अपने सुख दुख रचते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम सपनाते हो, अलसाते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम अपनी कथा सुनाते हो
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम जीवन साज पे संगत देते
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम, भाव नदी का अमृत पीते
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुमने बचपन खेला और बढ़े
हूं वह भाषा, जिसमें तुमने यौवन, प्रीत के पाठ पढ़े
मां! मित्ती का ली मैंने… तुतलाकर मुझमें बोले
मां भी मेरे शब्दों में बोली थी – जा मुंह धो ले
जै जै करना सीखे थे, और बोले थे अल्ला-अल्ला
मेरे शब्द खजाने से ही खूब किया हल्ला गुल्ला
उर्दू मासी के संग भी खूब सजाया कॉलेज मंच
रची शायरी प्रेमिका पे और रचाए प्रेम प्रपंच
आंसू मेरे शब्दों के और प्रथम प्रीत का प्रथम बिछोह
पत्नी और बच्चों के संग फिर, मेरे भाव के मीठे मोह
सब कुछ कैसे तोड़ दिया और सागर पार में जा झूले
मैं तो तुमको भूल न पाई कैसे तुम मुझको भूले
भावों की जननी मैं, मां थी, मैं थी रंग तिरंगे का
जन-जन की आवाज भी थी, स्वर थी भूखे नंगों का
फिर क्यों एक पराई सी मैं, यों देहरी के बाहर खड़ी
इतने लालों की माई मैं, क्यों इतनी असहाय पड़ी
अंग्रेजी में नंबर थोड़े कम आते हैं
अंग्रेजी बोलने से भी घबराते हैं
पर स्टाइल के लिए पूरी जान लगाते हैं
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं
एक वक्त था जब हमारे देश में हिंदी का बोलबाला था
मां की आवाज में भी सुबह का उजाला था
उस मां को अब हम Mother बुलाते हैं
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं
देश आगे बढ़ गया पर हिंदी पीछे रह गई
इस भाषा से अब हम नजर चुराते हैं
क्योंकि हम हिंदी बोलने से शर्माते हैं
माना, अंग्रेजी पूरी दुनिया को चलाती है
पर हिंदी भी तो हमारी पहचान दुनिया में कराती है
क्यों ना अपनी मातृभाषा को फिर से सराखों पर बिठाए
आओ हम सब मिलकर हिंदी दिवस मनाए
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
राष्ट्रभाषा हूं मैं अभिलाषा हूं मैं
एक विद्या का घर पाठशाला हूं मैं
मेरा घर एक मंदिर बचा लो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
देख इस भीड़ में कहां खो गई
ऐसा लगता है अब नींद से सो गई
प्यार की एक थपक से जगा लो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
मैं ही गद्य भी बनी और पद्य भी बनी
दोहे, किससे बनी और छंद भी बनी
तुमने क्या-क्या ना सीखा बता दो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
मैं हूं भूखी तेरे प्यार की ऐ तू सुन
दूंगी तुझको मैं हर चीज तू मुझको चुन
अपने सीने से एक पल लगा लो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
मैं कहां से शुरू में कहां आ गयी
सर जमी से चली आसमां पा गयी
वह हंसी पल मेरा फिर लौटा दो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
तेरी कविता हूं मैं हूं कलम तेरी
मां तो बनके रहूं हर जन्म में तेरी
अपना ए दोस्त आप बना लो मुझे
मैं हूं हिंदी वतन की बचा लो मुझे
हिंदी हमारी आन है हिंदी हमारी शान है
हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है
हिंदी हमारी वर्तनी हिंदी हमारा व्याकरण
हिंदी हमारी संस्कृति हिंदी हमारा आचरण
हिंदी हमारी वेदना हिंदी हमारा गान है
हिंदी हमारी आत्मा है भावना का साज़ है
हिंदी हमारे देश की हर तोतली आवाज़ है
हिंदी हमारी अस्मिता हिंदी हमारा मान है
हिंदी निराला, प्रेमचंद की लेखनी का गान है
हिंदी में बच्चन, पंत, दिनकर का मधुर संगीत है
हिंदी में तुलसी, सूर, मीरा जायसी की तान है
जब तक गगन में चांद, सूरज की लगी बिंदी रहे
तब तक वतन की राष्ट्रभाषा ये अमर हिंदी रहे
हिंदी हमारा शब्द, स्वर व्यंजन अमिट पहचान है
हिंदी हमारी चेतना वाणी का शुभ वरदान है
[Best] Hindi Diwas Shayari हिंदी दिवस पर शायरी
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राष्ट्रभाषा की व्यथा, दु:खभरी इसकी गाथ
क्षेत्रीयता से ग्रस्त है, राजनीति से त्रस्त है
हिन्दी का होता अपमान, घटता है भारत का मान
हिन्दी दिवस पर्व है, इस पर हमें गर्व है
सम्मानित हो राष्ट्रभाषा, सबकी यही अभिलाषा
सदा मने हिन्दी दिवस, शपथ लें मने पूरे बरस
स्वार्थ को छोड़ना होगा, हिन्दी से नाता जोड़ना होगा
हिन्दी का करे कोई अपमान, कड़ी सजा का हो प्रावधान
हम सबकी यह पुकार
सजग हो हिन्दी के लिए सरकार
एक डोर में सबको जो है बांधती वह हिंदी है
हर भाषा को जो सगी बहन मानती वह हिंदी है
भरी-पूरी हो सभी बोलियां यही कामना हिंदी है
गहरी हो पहचान आपसी यही साधना हिंदी है
सोते विदेशी रह ने रानी यही भावना हिंदी है
तत्सम, तद्भव, देश विदेशी रंगों को अपनाती
जैसा आप बोलना चाहे वही मधुर वह मन भाती
नए अर्थ के रूप धारती हर प्रदेश की माटी पर
खाली पीली बोम मारती मुंबई की चौपाटी पर
चौरंगी से चली नवेली प्रीति प्यासी हिंदी है
बहुत-बहुत तुम हमको लगती भालो-बाशी हिंदी है
उच्च वर्ग की प्रिय अंग्रेजी हिंदी जन की बोली है
वर्ग भेद को खत्म करेगी हिंदी वह हमजोली है
सागर में मिलती धाराएं हिंदी सबकी संगम है
शब्द, नाद लिपि से भी आगे एक भरोसा अनुपम है
गंगा कावेरी की धारा साथ मिलाती हिंदी है
पूरब-पश्चिम कमल पंखुरी सेतु बनाती हिंदी है
सभी देवी-देवताओ पर शायरी फोटो डाउनलोड करने, पशु-पक्षियों जिव-जंतुओ व प्रकृति से मिलने वाले शुभ-अशुभ संकेतो और राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले Occasions & Pageant से सम्बंधित बधाई/शुभकामना सन्देश, शायरी FB Whatsapp Standing Instagram Caption, Full HD Wallpaper Picture pictures DP Profile Pics इत्यादि डाउनलोड करने के लिए विजिट करे www.sociallykeeda.com पर.
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