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Guru Gobind Singh Jayanti 2021 Needs: गुरु गोबिंद सिंह जयंती के शुभ अवसर पर ये इंग्लीश WhatsApp Stickers, Fb Messages, Needs, GIF Pictures, Picture SMS, Wallpapers भेजकर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को दें शुभकामनाएं

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Guru Gobind Singh Jayanti 2021 Wishes: गुरु गोबिंद सिंह जयंती के शुभ अवसर पर ये इंग्लीश WhatsApp Stickers, Facebook Messages, Wishes, GIF Images, Photo SMS, Wallpapers भेजकर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को दें शुभकामनाएं

सिंखों के दसवे गुरु ‘गुरु गोबिंद सिंह’ की इस वर्ष 20 जनवरी 2021  को 354 वीं गुरु गोबिंद सिंह  जयंती होगी. गोविंद सिंह जी का जन्म पौष मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को22 दिसंबर 1966 में पटना बिहार में हुआ था. उनके पिता गुरु तेग बहादुर की मृत्यु के उपरान्त 11 नवंबर 1675 को सिर्फ 9 साल की उम्र में सिखों के गुरू बने. गुरु के जन्मदिन का वार्षिक उत्सव नानकशाही कैलेंडर पर आधारित है. सन 1699 में बैसाखी के दिन उन्होने खालसा पंथ की स्थापना की जो सिखों के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है. गुरु गोबिंद सिंह जातिवाद और अंधविश्वास को मानने से मना करते थे, वो एक ओंकार यानी एक ईश्वर में विश्वास करते थे. उन्होंने पंज कक्के यानी कंघा, केश, कच्छा, कड़ा और कृपाण का अनुसरन किया और अपने अनुयायियों को भी इसका अनुसरन करने के लिए प्रेरित किया. साथ ही उन्होंने ने ही “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह” का उच्चारण दिया था.

गुरु गोबिंद सिंह को मुगल शासकों के अन्याय के खिलाफ लड़ने और उनसे लोगों की रक्षा करने के लिए जाने जाते  है. गुरु गोबिंद ने धर्म और अपने प्रजा की रक्षा के लिए अपने बेटों साहिबजादे और जोरावर सिंह व फतेह सिंहजी को दीवारों में चुनवा दिया गया. उन्होंने हमेशा न्याय, शांति और समानता का उपदेश दिया. उन्होंने अक्टूबर 1708 को प्राण त्याग दिए. इस दिन लोग गुरूद्वारे में जाकर अपना माथा टेकते हैं. लोगों में लंगर बाटंते हैं. साथ ही एक दुसरे को गुरु गोबिंद सिंह की जयंती की शुभकामनाएं देते हैं. गुरु गोबिंद सिंह जयंती पर लोग एक दूसरे को मैसेजेस के जरिए शुभकामनाएं देते हैं. इस शुभ अवसर पर आप भी अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को नीचे दिए गए मैसेजेस भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं. अगर आप गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर वीडियो मैसेज और ग्रीटिंग भेजना चाहते हैं. तो सबसे आसान तरीके से आपके करीबी दोस्त, परिजनों को लेटेस्ट वीडियोज और मोटिवेशनल पंक्तियों से संदेश भेज सकते हैं.जिसके के लिए आप इंस्टाग्राम रील्स, चिंगारी, मोज जैसे एप्प के जरिए वीडियो बनकर गुरु गोबिंद सिंह की जयंती पर  वीडियो बनाकर भेज सकते हैं. यह भी पढ़े: Guru Gobind Singh Jayanti 2020 Messages: गुरु गोबिंद सिंह जयंती के शुभ अवसर पर ये हिंदी WhatsApp Stickers, Fb Messages, Needs, GIF Pictures, Picture SMS, Wallpapers भेजकर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को दें शुभकामनाएं

WhatsApp Message Reads:    Rejoice Gurpurab With Your Cherished Ones, Buddies & Household and Take pleasure in Guru Gobind Singh Ji’s Divine Love And Blessings. Comfortable Guru Gobind Singh Jayanti.

Guru Gobind Singh Jayanti (Picture Credit: File Picture)

WhatsApp Message Reads:  On This Auspicious Event of the Birthday of Sh. Guru Gobind Singh Ji, I Want To Convey You All My Heartiest Needs. Comfortable Guru Gobind Singh Jayanti.

Guru Gobind Singh Jayanti (Picture Credit: File Picture)

WhatsApp Message Reads: Might Guru Gobind Singh Ji Bless You and Your Household With Pleasure, Peace, and Happiness for Eternity; Might He Encourage Us To Be a Higher Human Being. Comfortable Gurpurab.

Guru Gobind Singh Jayanti (Picture Credit: File Picture)

WhatsApp Message Reads:  Might Guru Govind Singh Ji Give You, The Braveness and Power To Battle the Evil,And At all times Stand by the Facet of Fact. Comfortable Guru Gobind Singh Jayanti!

Guru Gobind Singh Jayanti (Picture Credit: File Picture)

WhatsApp Message Reads: Might Guru Gobind Singh Ji Be Your Guiding Star By Your Life and Might He Bathe Blessings on You This Gurpurab. Comfortable Guru Gobind Singh Jayanti!

Guru Gobind Singh Jayanti (Picture Credit: File Picture)

सिख समुदाय के लोग गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाशपर्व यानी जन्‍मोत्‍सव धूमधाम से मनाते है. इस दिन विभिन्न प्रकार के समारोह का आयोजन किया जाता है. गुरु गोबिंद सिंह का जन्म पटना बिहार में हुआ था. जब वे चार साल के हुए उसके बाद उनका पूरा परिवार पंजाब में शिफ्ट हो गया. मार्च 1672 में उनका परिवार हिमालय के शिवालिक पहाड़ियों में स्थित चक्क नानकी नामक स्थान पर आ गया. जहां उन्होंने फारसी, संस्कृत की शिक्षा ली और एक योद्धा बनने के लिए सैन्य कौशल सीखा. चक्क नानकी को ही वर्तमान में आनन्दपुर साहिब कहा जाता है.


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