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बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज के बारे में पाएं जानकारी


शारीरिक गतिविधियां यानी फिजिकल एक्टिविटीज शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। अगर हम शारीरिक रूप से एक्टिव रहते हैं तो इससे हमारे स्वास्थ्य को फायदा होता है। किसी भी उम्र के लोगों खासतौर पर बुजुर्गों में अर्थराइटिस यानी गठिया की समस्या होना सामान्य है। गठिया के कारण बुजुर्ग शारीरिक रूप से कोई भी काम करने में परेशानी महसूस करते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शारीरिक गतिविधियां करने से उन्हें दर्द, अकड़न हो सकती है या वो गिर भी सकते हैं। लेकिन, शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने से यह समस्याएं कम नहीं होती बल्कि बढ़ सकती हैं। इसलिए, अगर आप बुजुर्ग हैं और गठिया से पीड़ित हैं, तो आपको नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करनी चाहिए। ताकि किसी भी उम्र में गठिया के लक्षणों को कम किया जा सके और अपने जीवन की गुणवत्ता बढ़ सके। बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से लाभदायक है।

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रोजाना अर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज (stability workouts for arthritis) करने से आपकी मांसपेशियां मजबूत और लचीली बनेंगी। जिससे जिन जोड़ों को नुकसान हुआ है, उनमें दर्द और सूजन कम होगी। यह व्यायाम उन लोगों के लिए भी लाभदायक है जिनका वजन अधिक है। गठिये के रोगियों के लिए सकारात्मक रहना उतना ही आवश्यक है जितनी शारीरिक गतिविधियां। ऐसे में इन व्यायामों को करने से तनाव से भी मुक्ति मिलती और मूड भी अच्छा होता है।

बुजुर्गों के लिए यह गठिया होने पर व्यायाम करना कठिन हो सकता है। हालांकि, कुछ ऐसे व्यायाम भी हैं, जो न केवल करने में आसान हैं बल्कि जिन्हें करने से आप स्वयं में बदलाव महसूस करेंगे। जानिए, बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) के बारे में विस्तार से।

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कैसे करें बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) की तैयारी

अर्थराइटिस के भी कई प्रकार होते हैं जैसे ऑस्टियोअर्थराइटिस या रूमेटाइड अर्थराइटिस आदि। ऑस्टियोअर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज (stability workouts for osteoarthritis), अर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज (stability workouts for arthritis), घुटने के ऑस्टियोअर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज (stability workouts for knee osteoarthritis) आदि की शुरुआत के लिए सबसे पहले आपको गठिया की गंभीरता को निर्धारित करने के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ताकि आपको पता चल सके कि किस प्रकार का व्यायाम आपके लिए सबसे उपयुक्त और लाभदायक होगा।

यह भी पढ़ें: Rheumatoid arthritis: रयूमेटाइड अर्थराइटिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) से पहले इन चीज़ों का ध्यान रखें

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1) वॉर्मअप के लिए पर्याप्त समय लें

अगर आपको गठिया है तो आपको एक्सरसाइज से पहले कुछ समय वार्मअप करने में भी लगाना चाहिए। यानी कम से कम दस से पंद्रह मिनट वार्मअप करने के बाद ही व्यायाम शुरू करें

2 ) एक्सरसाइज में पहले पीड़ादायक जोड़ों को गर्म करें

वार्मअप के साथ ही जोड़ों के लचीलेपन में सुधार, उनकी अकड़न और चोट की संभावना को कम करने के लिए मांसपेशियों और जोड़ों के तापमान को बढ़ाएं। यानी, जिन जोड़ों में आपको दर्द है उन्हें गर्म करें या सेक लें

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3 ) व्यायाम करने के बाद स्ट्रेचिंग करें

बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) के बाद गठिया से पीड़ित लोगों को अपने जोड़ो को शांत करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो सकती है। स्ट्रेचिंग इसके लिए बेहतरीन है। इसके साथ ही जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने के लिए   के बाद आइस पैक भी लगाया जा सकता है।

सबसे जरूरी बात, कुछ खास व्यायाम आपकी दर्द को बदतर बना सकते हैं। इसके साथ ही इनसे जोड़ों में लालिमा और सूजन भी हो सकती है। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो डॉक्टर की सलाह के बिना इस एक्सरसाइज को जारी न रखें। मरीज को अपने शरीर को समझना चाहिए। अगर उन्हें उलटी या चक्कर आना, सीने में दर्द, सांस लेने में समस्या या अन्य कोई परेशानी होती है, तो डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।

बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors)

स्ट्रेचिंग (stretching)

अर्थराइटिस शरीर के अंगों को प्रभावित करता है, जिससे संतुलन पर इसका प्रभाव पड़ता है। इससे शरीर के अंगों का लचीलापन कम हो जाता है। ऐसे में कुछ ऐसी बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) हैं, जो संतुलन को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं जैसे स्ट्रेचिंग। शरीर के विभिन्न अंगों की स्ट्रेचिंग करने से आपको लाभ होगा।

नैक स्ट्रेचिंग

अर्थराइटिस (arthritis) को दूर करने के लिए सबसे पहली एक्सरसाइज है नैक स्ट्रेचिंग।

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  • इसे करने के लिए आप सीधे खड़े हो जाएं।
  • आपके पैर कुछ दूरी पर होने चाहिए। अब अपने गले को दाएं ओर घुमाएं ताकि आपको गले में स्ट्रेच महसूस हो।
  • इसी मुद्रा में कुछ देर रहें और उसके बाद आराम की स्थिति में आ जाएं।
  • ऐसा ही दूसरी तरफ करें और दोहराएं।

नैक स्ट्रेचिंग

कंधे की स्ट्रेचिंग

  • कंधे की स्ट्रेचिंग करने के लिए दीवार के साथ खड़े हो जाएं और आपकी पीठ दीवार के साथ लगनी चाहिए।
  • अब अपनी कोहनियों को मोड़ लें ताकि आपकी हाथ की उंगलिया ऊपर की तरफ दीवार को छुएं
  • इसी स्थिति में कुछ देर रहें और फिर पहले की स्थिति में आ जाएं।
  • इसे दोहराएं।

यह भी पढ़ें: Osteoarthritis :ऑस्टियोअर्थराइटिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

कंधे की स्ट्रेचिंग

अप्पर बॉडी स्ट्रेच

  • बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) में आगे है अप्पर बॉडी स्ट्रेच। इसे करने के लिए आप एक दीवार की तरफ मुंह करके खड़े हो जाएं।
  • ध्यान रहे आपके पैर एक दूसरे से कुछ अंतर हो और आप भी दीवार से कुछ दूरी पर खड़े हों।
  • अपने हाथों को कंधों की सीध में दीवार पर लगा लें।
  • अब धीरे से आगे की तरफ तब तक कदम बढ़ाएं, जब तक आपकी नाक दीवार को न छुए
  • अपने हाथों को आप सहारे के लिए प्रयोग कर सकते हैं।
  • ऐसे ही कुछ देर रहें और उसके बाद दीवार से पीछे हो जाएं, इसे फिर से दोहराएं।

हैंड स्ट्रेचिंग

  • हैंड स्ट्रेचिंग करने के लिए उंगलियों को जितना हो सके फैला लें।
  • उसके बाद हथेलियों की तरफ इन्हें मोड़ लें और इसी स्थिति में कुछ देर मोड़ कर रखें।
  • इस प्रक्रिया को पांच से दस बार करें।
  • ऐसे ही आप एंकल और चेस्ट स्ट्रेचिंग भी कर सकते हैं।

स्ट्रेचिंग

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चेयर स्टैंड (chair stand)

बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) में आगे है चेयर स्टैंड। इसे करना भी आसान है। इसे आप घुटने के ऑस्टियोअर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज(stability workouts for knee osteoarthritis) भी कह सकते हैं। इस व्यायाम से भी आप गठिया की समस्या से कुछ हद तक राहत पा सकते हैं।

  • इसे करने के लिए आप एक ऐसी कुर्सी लें। अब धीरे-धीरे इस पर बैठे और फिर खड़े हों जाएं।
  • ऐसा करने के लिए आप अपनी बाजुओं का सहारा भी ले सकते हैं।

खड़े होना और बैठना

वेट लिफ्टिंग (weight lifting)

वेट लिफ्टिंग भी अर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज (stability workouts for arthritis) है। अगर आप चाहे तो आप वेट लिफ्टिंग कर के भी इस समस्या से राहत पा सकते हैं। इसके लिए आप 500 से 1000 ग्राम के लाइट वेट डंबल का प्रयोग करें।

  • इन वेट डंबल को हाथों में पकड़ लें और हाथों को सीधा कर लें।
  • अब वेट डंबल पकडे हुए ही बाजुओं को मोड़ लें
  • हफ्ते में तीन बार इस एक्सरसाइज को करें।

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सैर (strolling )

सैर करना हर उम्र के लोगों के लिए लाभदायक है। लेकिन, यह बुजुर्गों खासतौर पर जिन्हें गठिया है, उनके लिए बेहद उपयोगी है। सैर करने से मांसपेशियां मजबूत होती है और शरीर के जोड़ों तक ऑक्सीजन को पहुंचने में मदद मिलती है। इसके साथ ही इससे शरीर का वजन भी कम होता है। जिससे जोड़ों पर कम दबाब बनता है और दर्द भी कम होती है। ध्यान रखें, कि आपके पास सैर करने के लिए आरामदायक जूत्ते हों ताकि आप बिना किसी नुकसान के सैर कर सके।

बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज सैर

Quiz: रयूमेटाइड अर्थराइटिस के कारण शरीर के किन अंगों को हो सकता है नुकसान?

स्विमिंग (swiming)

अर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज (stability workouts for arthritis) में स्विमिंग भी शामिल है।
स्विमिंग करने से भी आपको गठिये में लाभ होगा। यही नहीं, हलके गर्म पानी में स्विमिंग करने से आपकी मांसपेशियों को आराम मिलेगा, जिससे जोड़ों का दर्द कम होगा। वाटर एरोबिक से भी अर्थराइटिस(arthritis) की समस्या खासतौर पर जोड़ों में दर्द कम होता है। अगर आपको स्विमिंग नहीं आती है। तो ऐसे पूल को ढूंढे जहां पानी कम हो। ऐसे पानी में तेज गति से चलना शुरू करें। इस रूमेटाइड अर्थराइटिस के लिए बैलेंस व्यायाम (stability workouts for rheumatoid arthritis) से भी आपको फायदा होगा।

स्विमिंग

योग (yoga)

योग तो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है। योग में स्ट्रेचेस, पोज और कई ब्रीथिंग टेक्निक्स शामिल होती है, जो शरीर का संतुलन, मोबिलिटी और लचीलेपन को सुधारते हैं। इसके साथ तनाव आदि को दूर करने में भी यह सहायक है। अर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज (stability workouts for arthritis) में आप प्राणायाम, शवासन, मत्स्यासन, सुखासन, वृक्षासन आदि को शामिल कर सकते हैं।

बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज योग

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अगर आपको गठिया है तो आपको ऐसा कोई भी अर्थराइटिस के लिए बैलेंस एक्सरसाइज (stability workouts for arthritis) करने से बचना होगा। जिन्हें करने से आपके जोड़ों में दर्द या सूजन आदि बढ़ जाए। इसके साथ ही अगर आपकी बोन डेंसिटी कम है, तो भी आपको यह व्यायाम करने से बचना होगा। यही नहीं, अगर आपको गले में दर्द है तब आपको भारी वजन उठाने से बचना होगा। बुजुर्गों के लिए अर्थराइटिस एक्सरसाइज(arthritis workouts for seniors) में अधिक झुकने वाले व्यायाम जैसे साइकिलिंग को करने से भी बचे ,ताकि आपकी रीढ़ की हड्डी पर दबाव न पड़े। इसके साथ ही हाई इम्पैक्ट एक्सरसाइज जैसे दौड़ना, कूदना आदि करने से गिरने या चोट लगने आदि का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए, आपको हल्का व्यायाम ही करना चाहिए। अर्थराइटिस (arthritis) को दूर करने के लिए आप जो भी व्यायाम करें उसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। इसके साथ ही किसी एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में ही इन्हें करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है


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